भारतीय दूतावास- यूएई में ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य में 
                 ‘आबूधाबी काव्यमंच’ के द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन   

भारतीय दूतावास- यूएई में ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य में 
                 ‘आबूधाबी काव्यमंच’ के द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन  

 
             
 यूएई की राजधानी अबूधाबी में भारतीय दूतावास- यूएई के तत्वाधान में ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य में आबूधाबी काव्यमंच के द्वारा 9 जुलाई 2022 को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें कवियों ने देशप्रेम, अनुराग एवं श्रृंगार रस से पूरित कविताओं के माध्यम से अपने भावों को अभिव्यक्त किया ।
 ललिता मिश्रा अध्यक्षा, आबू धाबी के द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया एवं निशा झा जी द्वारा मंच संचालन किया गया । माननीय ध्रुव मिश्रा जी एवं श्रीमान राजीव रंजन जी ने दीप प्रज्जवलन किया l माननीय ध्रुव मिश्रा, द्वितीय सचिव एवं माननीय राजीव रंजन, अताशे जी को श्रीमती ऋचा मित्तल एवं श्रीमती मीरा ठाकुर जी द्वारा सैप्लिंग प्लांट देकर सम्मानित किया एवं श्रीमती पदमावती कंवर जी ने माँ वीणा का नमन करते वंदना की । 
  डॉ नितिन उपाध्ये की कविता ‘जन-गन-मन गाऊँगा ,देश ध्वाजा फहराऊँगा’ , ‘मायके की याद’ , ‘बाँके सिपाहिया’ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। ललिता मिश्रा जी की ‘माँ की सेवा का व्रतदान’, ‘प्रणय निवेदन’ एवं ‘नारी शक्ति का आवाहन’ , निशा जी की ‘जिंदगी’, ‘दोस्ती’ , डॉ पल्लवी बारटके की हो ‘बुलंद’, ‘तुम सब अकेले’, ‘पौधा’ ,अनिकेत मितकरी की “आदरांजली”, पद्मावती कँवर जी की ‘सैनिक’ , दोहा-कतर से आए डॉ. बैजनाथ शर्मा ‘मिटूं’ जी का शेर – वर्दी एक सिलवा दे माँ सरहद पे लड़ने जाना है। अवधेश राणा जी के हास्य रस से भरपूर ‘चौधरी जी के किस्से’, अजित झा जी ‘श्रीमती जी का सवाल तुम हँसे क्यूँ?’ से महफिल ठाहकों से गूंज उठी और इस तरह मोतियों की माला पिरोते हुए कवियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत की और काव्योत्सव के कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दिखाई। 
 श्रीमती मीरा ठाकुर जी ने धन्यवाद ज्ञापन के द्वारा भारतीय दूतावास एवं श्रोताओं के प्रति आबूधाबी काव्यमंच की ओर से आभार प्रकट किया ।

साभार 
ललिता मिश्रा 
अध्यक्षा 
अबूधाबी 

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