बीएसए कार्यालय में तैनात मध्याह्न भोजन योजना के जिला समन्व्यक (डीसी एमडीएम) डीपी सिंह ने गुरुवार को त्यागपत्र दे दिया। बीएसए की बात से आहत होकर डीसी ने यह कदम उठाया है। बीएसए और डीसी एमडीएम के बीच सुबह करीब 10 बजे दफ्तर में विवाद हुआ था। उसके बाद डीसी एमडीएम ने बीएसए को अपना त्याग पत्र सौंप दिया। उन्होंने बीएसए पर अमर्यादित आचरण का आरोप लगाया है। हलांकि, बीएसए संतोष कुमार राय ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इस्तीफे पर विचार किया जाएगा।

डीसी एमडीएम ने बीएसए को संबोधित पत्र में लिखा है कि 17 नवंबर की रात नौ बजे तक लोकलेखा संदर्भ समिति की सूचना बनाकर पूर्व ग्राम प्रधानों से वसूली की आरसी संबंधी फाइल बीएसए के साथ सीडीओ व डीएम के सामने प्रस्तुत की थी। 18 नवंबर को भी 9:56 बजे ऑफिस पहुंच गया। वहां बीएसए ने अमर्यादित आचरण किया। इससे आहत होकर त्याग पत्र दे रहा हूं। वहीं घटना के समय बीएसए कार्यालय में मौजूद लोगों की मानें तो करीब 10 बजे डीसी एमडीएम के दफ्तर पहुंचने पर देर से आने की बात को लेकर उनके और बीएसए के बीच हॉटटॉक हुई। दोनों के तेवर किसी से कम नहीं थे। यह देख पूरा कार्यालय सकते में आ गया। उसके बाद बीएसए के कक्ष से निकलकर डीसी एमडीएम ने त्यागपत्र लिखा और बीएसए को सौंप दिया। फिर तत्काल दफ्तर से निकलकर गोरखपुर चले गए।

विवाद के बाद बीएसए कार्यालय पर पहुंची पुलिस

बीएसए कार्यालय में विवाद के बाद करीब सवा दस बजे एक जीप पुलिस पहुंच गई। कई उपनिरीक्षक, पुरुष व महिला सिपाहियों ने कार्यालय पर डेरा जमा लिया। हालांकि, स्वयं बीएसए और कार्यालय के अन्य लोग शिक्षकों के विद्यालय आवंटन को लेकर व्यवस्था बनाने के लिए फोर्स बुलाने की बात कह रहे थे।

मैंने डीसी एमडीएम के साथ कोई अमर्यादित आचरण नहीं किया है। उनका आरोप बेबुनियाद है। आवश्यक कार्यवश नौ बजे सुबह कार्यालय बुलाया गया था। उनके आने में विलंब हुआ तो फोन कर ऑपरेटर को भेजने को कहा। 9:40 तक ऑपरेटर भी नहीं पहुंचा। मैंने दूसरे से काम करा लिया। उनके आने पर विलंब होने की बात कही तो डीसी एमडीएम ने कहा कि मैं गोरखपुर से अपडाउन करता हूं। ऐसे काम नहीं हो पाएगा। डीसी एमडीएम का त्यागपत्र मिला है। इस पर विचार किया जा रहा है।

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