कई दोस्तों ने समझाया भी पत्नी तो खुद एक समस्या है

भला एक समस्या दूसरी समस्या से कैसे मुक्ति दिलाएगी

पर मैं कहा माना क्योंकि अक्ल बादाम खाने से थोड़ी ठोकर खाने से आएगी

जिस दिन मैं एक डॉक्टर से विवाह रचा कर घर पहुंचा

तो मुझे लगा जोर का झटका था

क्योंकि उसके गले से वरमाला गायब थी

केवल स्टाथोस्कोप लटका था

बोली सुनो जी

मुँह दिखाई में

मुझे 500 गज का प्लाट दिला दो

ओर अपनी पहली एनीवर्सरी तक उस पर नर्सिंग होम बनवा दो

मैंने बात पलटते हुए कहा

मन पर छाया है नशा

तन का छाया खुमार

कहने लगी ओ हो

पतिदेव जी पहली रात ही बीमार

ओर एक नज़र में ही उसने मेरे पूरे शरीर का चैक अप कर दिया

मैंने उसकी खूबसूरती की तारीफ में जैसे ही मुंह खोला

तो उसने तो मेरे मुंह में ही थर्मामीटर धर दिया

मैंने अपनी पत्नी को समझाया ये जो थर्मामीटर में आधा डिग्री टेंपरेचर चढ़ा है

अरी पगली ये तो तेरे नाजुक हाथों को छूने से बढा है

वो बोली चुप रहिये जनाब

डाक्टर मैं हूँ या आप

ज्यादा होशियारी मत दिखाओ

जो दवाई दे रही हूँ खाओ

ओर चुपचाप सो जाओ

मैंने फिर मस्ती के मूड में कहा

तुम्हे देखकर मेरे तो होशो-हवास ही खो गए

बोली आप तो 21 वें हो

मेरी प्रैक्टिस देखकर 20 तो मायके में पहले ही पागल हो गए

इससे पहले की मैं उससे नैन

लड़ाऊँ

बोली होश में आ रहे हो

या ग्लूकोस चढ़ाऊँ

मैंने आखिरी बार कौशिश की आओ थोडी देर कर लें आराम

वो मुझे पकड़ा के चली गई झंडू बाम

और जैसे ही वायरल ठीक हुआ भाग्य फिर से दगा दे गया

उसका भाई अपनी बहन को

पग फेरे के लिए घर ले गया 

अगले दिन हालचाल पूछने के लिए पत्नी का फ़ोन आया

 तो मैंने उसे बताया

अभी थोड़ी सी तकलीफ़ बाकी है

पर आपको वापस आने पर मिलूंगा बिल्कुल निरोगी

बोली खबरदार आप दूसरे डॉक्टर के पास गए तो

भला फिर मेरी प्रैक्टिस कैसे होगी

मेरे लिए तो नया मोहल्ला है

नए पेशेंट कहां से लाऊंगी

शुरू शुरू में अपनी डाक्टरी आप पर ही तो आजमाऊंगी

अच्छी डॉक्टरनी लाया

 मुझे तो दिन में तारे दिखा दिए

 4 दिन की कह के गई थी

मुहल्ले के उन 20 पागलो का इलाज करती रही

वापस आने में भी पूरे 20 दिन लगा दिए

और  वापस आके जब उसने बैग खोला

तो उसमे से जो शीशियां निकली उन पर लिखा था विटामिन, कैल्सियम,  प्रोटीन

ना कोई साड़ी ना कोई सूट उल्टा

बीपी की, शुगर की, वेट करने की मशीन

हालत यह हो गई कि वो मेरी हर सांस का हिसाब जोड़ती है

एक बार जरा सा खांस दो 

तो दवा के रूप में कफ सिरप पिला के ही छोड़ती है

मार्केट में कोई नई दवाई आए तो पहला प्रयोग मुझ पर ही करती

कहती है कोई साइड इफ़ेक्ट हो गया तो

नर्सिंग होम में कर दूंगी भरती

मैं तो सोच रहा था मैं उसका नर्सिंग होम बनवाऊँ

 मैं ही उसका फाउंडर हूं

पर लोगों को यही लगेगा वो तो डॉक्टर  है

ओर मैं उसका कंपाउंडर हूं

अब तो मेरे लिए चाट पकौड़ी चाउमीन सब हो चुका है बैन 

हमारी डाइनिंग टेबल पर मिलेगी आपको सेरिडोन विक्स कुनैन

अब तो पत्नी का चेहरा देखते ही मुँह कड़वा हो जाता है

लोग तो परियों के सपने देखते हैं पर मुझे सपने में भी  icu  नज़र आता है

जिस दिन भी उसे मुझ पर शक होता है क्लीनिक में बुला लेती है

और पेट का उल्ट्रासाऊंड करके क्या क्या खाया

सब पता लगा लेती हैं

आजकल दोस्त भी  कुछ ज्यादा ही खुश नजर आते हैं

मैंने पूछा तो बोले हफ्ते में दो बार भाभी से टॉनिक लाते हैं

मुझे क्या पता था कि डॉक्टर के रूप में बीमारी लेकर आ रहा हूं

और आजकल तो रोटी कम दवाई ज्यादा खा रहा हूं

जब से शादी हुई है किस्मत को रो रहा हूँ

शादी को 2 महीने हो गए अभी तक अकेला ही  सो रहा हूं

राम जाने मेरा हनीमून बनेगा कब

लेकिन मेरी असली कविता तो शुरू होती है अब

आप सब सोच रहे होंगे कि मेरी पत्नी मुझे क्यों नही पिला रही मुहब्बत का जाम

क्योंकि मेरी वो दुल्हन बिल्कुल काल्पनिक है

ओर प्रदूषण है उसका नाम

जगह जगह प्लास्टिक की पन्नियों के ढेर से वातावरण हो गया है गंदा

अब तो धुंधला धुंधला सा लगता है चंदा

पता ही नही चलता कब शाम हुई कब सवेरा है

हर तरफ धुँआ ही धुँआ दिन में भी अंधेरा है

हर चीज़ में मिलावट मनुष्य खाए तो क्या खाए

वाशिंग पाउडर यूरिया और सिंथेटिक दूध की चाय

इसी प्रदूषण के कारण जिंदगी हो गई है खाक

दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है ओजोन परत का सुराख

खत्म सा हो गया है नदी नाले का फर्क

इस प्रदूषण के कारण अब जिंदगी बन गई है नर्क

इस प्रदूषण के चलते हॉस्पिटल्स में लंबी लंबी लंबी लाइनें लगी है लाखों लोग बीमार हैं 

लेकिन इस सब के के लिए हम खुद ही जिम्मेदार है

आज मशीन बन चुका इंसान  केवल नोटों को बीन रहा है

और ये प्रदूषण धीरे धीरे हमारे बच्चों की जिंदगी को छीन रहा है

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *