साहित्य 24,संवाद दाता रांचीसाहित्य 24 और प्रेरणा दर्पण साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच के द्वारा कीर्ति उत्सव का आयोजन विगत वर्षों की तरह इस बार भी बड़े धूम धाम से दिल्ली सहित अन्य राज्यों में भी ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यमों से मनाया जा रहा है।इसी क्रम में कल दिनांक 16 नवंबर […]

साहित्योदय जन रामायण सह काव्य गोष्ठी राजधानी में संपन्न अंतरराष्ट्रीय साहित्य कला संस्कृति संगम साहित्योदय के बैनर तले देश की राजधानी दिल्ली में साहित्योदय जन रामायण चर्चा सह काव्य गोष्ठी का आयोजन सफदरजंग क्लब में किया गया। कार्यक्रम में शहर के जाने-माने साहित्यकारों ने शिरकत किया । कार्यक्रम का आयोजन […]

पीयूष गोयल ने बहुत ही अच्छे तरीके से लोगोको बताया है की अपने काम के प्रति सेल्फ मोटीवेट कैसे रहे।20 थॉट्स – 1.जिंदगी को अगर किसी का सहारा लेकर जिओगे एक दिन हारा हुआ महसूस करोगे. 2.किसी काम की करने की नियत होनी चाहिए टालने से काम नहीं चलने वाला. […]

साहित्य एवं संस्कृति की वैश्विक संस्था अंतरराष्ट्रीय शब्द सृजन,गाजियाबाद द्वारा 20 नवम्बर को अशोक चक्र विजेताओं पर ऑनलाइन काव्य पाठ फेसबुक लाइव के माध्यम से होगा। जिसमें भारत सहित पूरे विश्व के 201 रचनाकारों द्वारा मात्र 10 घण्टों में अशोक चक्र विजेताओं पर लिखे गए दोहों का कविता पाठ होगा। […]

शाहपुरा, 7 नवंबरसंस्थान के संस्थापक एवं राजस्थान के जाने माने लोककवि श्री मोहन जी मण्डेला की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला देश का प्रतिष्ठित लोककवि श्री मोहन मण्डेला स्मृति सम्मान समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन इस वर्ष 1 दिसम्बर 2022 गुरुवार को स्थानीय बोर्डिंग हाउस-राउमावि शाहपुरा के मैदान […]

पीयूष गोयल ने दर्पण छवि में हाथ से लिखी १७ पुस्तकें. क्या आपने पहले सुना कोई व्यक्ति सुई से, मेहंदी कोन से, कार्बन पेपर से,कील से,करेक्शन पेन से,लकड़ी के पेन से मैजिक शीट पर किताब लिख सकता हैं तो आप गर्व से कह सकते हैं एक भारतीय ने ये काम […]

पीयूष जी आप अपने बारे में बतायें। : जी मेरा नाम पीयूष कुमार गोयल हैं, मैं माता रवि कांता गोयल व पिता डॉ देवेंद्र कुमार गोयल के यहाँ 10 फरवरी 1967 को दादरी में पैदा हुआ था। मैं एक यांत्रिक इंजीनियर हूँ, करीब 25 साल का विभिन्न कम्पनियो में काम […]

वरिष्ठ साहित्यकार श्री ईश कुमार गंगानिया का आत्‍मवृत “मैं और मेरा गिरेबां” – नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत 25 अक्‍तूबर सन 1956 में जन्में ईश कुमार गंगानिया दिल्ली प्रशासन से उप-प्रधानाचार्य के पद से सेवा निवृत्त हैं। आपकी अलग-अलग विधाओं में अब तक दो दर्जन पुस्‍तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। […]